उत्तर बंगाल के चाय बागान श्रमिकों के लिए 313.30 करोड़ रुपये की नई योजना



कोलकाता
पश्चिम बंगाल
इंडिया इनसाइड न्यूज।

■शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास सुविधाओं पर होगा विशेष जोर

उत्तर बंगाल के चाय बागान श्रमिकों के समग्र विकास के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 'प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना' (पीएमसीपीवाई) के तहत 313.30 करोड़ रुपये की व्यापक विकास योजना को अंतिम रूप दिया है। इस योजना के माध्यम से चाय बागान श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बुनियादी सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

योजना के तहत 'चाय श्रमिक शिक्षा योजना' (सीएसएसवाई) के लिए 177 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग चाय श्रमिकों के परिवारों के बच्चों के लिए शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए किया जाएगा।

वहीं, 'चाय श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना' (सीएसएसएसवाई) के अंतर्गत 72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि से चाय बागान क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

इसके अलावा 'चाय श्रमिक आश्रय योजना' (सीएसएवाई) के तहत 63 करोड़ रुपये की लागत से कुल 321 विश्राम गृह (रेस्टिंग शेड) बनाए जाएंगे। इनमें पहाड़ी क्षेत्रों में 88 और मैदानी इलाकों में 233 विश्राम गृह शामिल हैं। इन केंद्रों में सौर ऊर्जा, स्वच्छ पेयजल, बैठने की व्यवस्था और शौचालय जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तर बंगाल विकास विभाग (एनबीडीडी) को सौंपी गई है। विभाग स्वास्थ्य विभाग, पश्चिम बंगाल समग्र शिक्षा मिशन तथा संबंधित जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा।

सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य उत्तर बंगाल के चाय बागान श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना और उन्हें बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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