--विजया पाठक
एडिटर - जगत विजन
भोपाल - मध्यप्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज।
■मध्यप्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति का अनुभवी चेहरा और विकास का विश्वसनीय नाम
■कमलनाथ की विरासत जनकल्याण, विकास और सुशासन का समन्वय
■केंद्र से प्रदेश तक विकास की मजबूत लकीर खींचने वाले नेता हैं कमलनाथ
भारतीय राजनीति में कुछ ऐसे नेता होते हैं जिनकी पहचान केवल चुनावी सफलताओं या राजनीतिक पदों से नहीं, बल्कि उनके द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्यों और दूरदर्शी सोच से बनती है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ऐसे ही नेताओं में शामिल हैं। लगभग पांच दशकों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और विकासोन्मुख राजनीति का एक अलग उदाहरण प्रस्तुत किया। कमलनाथ का राजनीतिक जीवन केवल एक संसदीय क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। लंबे समय तक केंद्र सरकार में विभिन्न मंत्रालयों का दायित्व संभालते हुए उन्होंने उद्योग, वाणिज्य, सड़क परिवहन, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कार्यशैली का सबसे बड़ा गुण यह रहा कि वे योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें धरातल तक पहुंचाने में विश्वास रखते थे। गरीबों के लिए आवास, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विस्तार और छिंदवाड़ा जैसे क्षेत्र को विकास का मॉडल बनाना उनकी सार्वजनिक जीवन की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं। राजनीतिक मतभेदों से परे यह स्वीकार करना होगा कि कमलनाथ ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में विकास को राजनीति का केंद्र बनाने का प्रयास किया। यही कारण है कि समर्थकों की दृष्टि में उनका योगदान केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश और देश के विकास की व्यापक यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।
● आवास के अधिकार को सम्मान देने वाली सोच
देश के गरीब और वंचित वर्ग को पक्के आवास उपलब्ध कराने की अवधारणा को मजबूती देने में कमलनाथ की भूमिका को अक्सर याद किया जाता है। ग्रामीण भारत में रहने वाले लाखों परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इंदिरा आवास योजना एक ऐतिहासिक पहल थी। इस योजना का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं था, बल्कि उन परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आत्मसम्मान प्रदान करना था जो वर्षों से कच्चे घरों और असुरक्षित परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे थे। आज जब केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से "हर व्यक्ति को आवास" के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है, तब यह स्वीकार करना होगा कि इसकी वैचारिक नींव पूर्ववर्ती आवास योजनाओं ने ही तैयार की थी। ग्रामीण आवास के क्षेत्र में जो सोच दशकों पहले विकसित हुई, उसी का विस्तारित स्वरूप आज देश में दिखाई देता है।
● विकास को राजनीति का केंद्र बनाने वाले नेता
कमलनाथ का मानना रहा है कि राजनीति का अंतिम उद्देश्य जनता का जीवन बेहतर बनाना होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रयास किए। देश में औद्योगिक वातावरण को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में उनके कार्यों को उद्योग जगत ने भी सराहा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में रहते हुए उन्होंने भारतीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर जोर दिया। आर्थिक उदारीकरण के बाद के दौर में भारत को वैश्विक व्यापारिक व्यवस्था से जोड़ने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय मानी जाती है। उनके प्रयासों से निवेशकों का विश्वास बढ़ा और देश के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिली।
● मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास में कमलनाथ का योगदान
वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ ने प्रशासनिक सुधार और निवेश आधारित विकास पर विशेष ध्यान दिया। मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार ने औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए 'मैग्नीफिसेंट मध्य प्रदेश' जैसे आयोजनों और क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों पर विशेष जोर दिया। सरकार ने 'मैग्नीफिसेंट एमपी' इन्वेस्टर समिट के माध्यम से करीब 32 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए, जिसमें कपड़ा क्षेत्र में ही बड़े निवेश की घोषणाएं हुईं। कमलनाथ ने उद्योगपतियों के सामने रखते हुए दो टूक कहा कि उद्योगों को स्थानीय स्तर पर लोगो को 70 फीसदी रोजगार उपलब्ध कराने की शर्त का पालन करना ही होगा। सरकार ने 'वन-साइज-फिट-ऑल' (सभी के लिए एक समान) नीति को बदलते हुए क्षेत्र विशिष्ट औद्योगिक नीतियां लागू कीं। इसके जरिए टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया। उन्होंने किसानों, युवाओं और उद्योगों को केंद्र में रखकर कई योजनाओं की शुरुआत की। निवेश आकर्षित करने के लिए आयोजित कार्यक्रमों ने प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उनकी सरकार ने औद्योगिक विकास, कृषि क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और आधारभूत संरचना के विस्तार को प्राथमिकता दी। यद्यपि उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा रहा, फिर भी कई योजनाओं और नीतिगत निर्णयों ने उनकी विकासोन्मुख सोच को प्रदर्शित किया।
● संवाद और समन्वय की राजनीति
कमलनाथ की सबसे बड़ी विशेषता उनकी संवाद क्षमता मानी जाती है। राजनीतिक विरोधियों से लेकर उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों तक, सभी के साथ संवाद स्थापित करने की उनकी क्षमता ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में अलग पहचान दिलाई। वे उन नेताओं में रहे जिन्होंने टकराव की राजनीति के बजाय समन्वय और संवाद के माध्यम से समाधान खोजने का प्रयास किया। यही कारण है कि विभिन्न दलों के नेता भी उनकी राजनीतिक समझ और अनुभव का सम्मान करते रहे हैं।
● अनुभव की राजनीति का महत्व
आज जब भारतीय राजनीति तेजी से बदल रही है, तब अनुभवी नेताओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। कमलनाथ का लंबा राजनीतिक अनुभव, प्रशासनिक समझ और राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने की क्षमता उन्हें कांग्रेस के वरिष्ठतम नेताओं की श्रेणी में स्थापित करती है। संगठनात्मक मजबूती, विकास आधारित राजनीति और प्रशासनिक अनुभव के कारण वे नई पीढ़ी के नेताओं के लिए भी मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं। कमलनाथ का राजनीतिक जीवन इस बात का उदाहरण है कि विकास, जनकल्याण और प्रशासनिक दक्षता राजनीति की सबसे बड़ी पूंजी हो सकती है। केंद्र सरकार में मंत्री से लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तक की उनकी यात्रा जनसेवा, विकास और दूरदृष्टि की कहानी कहती है।
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