झारखंड इस महीने की 15 तारीख तक खुले में शौच से मुक्त राज्य बनेगा



नई दिल्ली/झारखंड, 04 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

केन्द्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कहा कि राज्य में स्वच्छता कवरेज की वर्तमान दर के साथ झारखंड अपने स्थापना दिवस के अवसर पर 15 नवंबर को खुले में शौच से मुक्त राज्य बन जाएगा। उमा भारती झारखंड के राजमहल में गंगा ग्राम स्वच्छता सम्मेलन के अवसर पर विचार वयक्त करते हुए कहा कि गंगा नदी के किनारों पर बसे गांवों को आदर्श गंगा ग्राम बनाने के लिए सार्वजनिक भागीदारी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कुंजी है। उन्होंने लोगों से एसएलडब्लूएम गतिविधियों में भाग लेने की अपील की। उन्होंने जल के स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। घाट सौंदर्यीकरण और अन्य स्वच्छता पहलों में साहिबगंज जिले के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में, गंगा बैंक राजस्व भूमि में 7.5 लाख से अधिक पेड़ लगाए गए है।

इस सम्मेलन में लगभग दस हजार स्वच्छाग्रहियों, गंगा स्वयंसेवकों, युवा संगठन के सदस्यों, छात्रों और समाज के हर क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ साथ बहुत सी महिला प्रतिभागियों ने भी भाग लिया।

गंगा ग्राम गंगा नदी के किनारों पर बसे गांवों को आदर्श गांवों में बदलने की एक अवधारणा है जिसके अंतर्गत गांव को खुले में शौच से मुक्त करने के साथ साथ ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, भूजल संरक्षण, आधुनिक श्मशान, वृक्षारोपण, जैविक और औषधीय गुणों से युक्त पौधों को लगाने और कृषि जैसे मुख्य घटकों पर जोर दिया जाता है। पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय गंगा नदी के किनारों पर बसे 4465 गांवों को ओडीएफ बनाने के बाद, इस दिशा में कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के सचिव परमेश्वरण अय्यर ने स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के सामाजिक और वित्तीय लाभ पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में ग्रामीण भारत में स्वच्छता कवरेज 39 प्रतिशत से बढ़कर 95 प्रतिशत हो गयी है। यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ जैसे संगठनों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ओडीएफ गांवों में एक परिवार अपने चिकित्सा व्ययों से औसत 50,000 रुपये की सालाना बचत करता है। उनहोंने कहा कि एसबीएम ने अक्टूबर 2019 तक लगभग 3 लाख लोगों के जीवन को बचाया। गंगा ग्राम की अवधारणा को समझाते हुए, उन्होंने जिलों और पंचायतों से ओडीएफ स्थिरता, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान देने का आग्रह किया।

इस मौके पर राजमहल क्षेत्र के विधायक अनंत कुमार ओझा, झारखंड के पेयजल और स्वच्छता विभाग की सचिव, आराधना पटनायक ने भी अपने विचार वयक्त किए।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने राजमहल में शमशान और घाट, नगरपालिका अपशिष्ट जल परियोजना की भी नींव रखी। उन्होंने उत्कृष्ट रानी मिस्त्रियो का सम्मान किया और गंगा ग्राम प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने नव निर्मित कन्हैया स्टेशन घाट का भी दौरा किया।

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