पूर्वोत्तर राज्यों में स्वच्छ भारत मिशन - ग्रामीण के क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा



गुवाहाटी, 08 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय में सचिव परमेश्वरन अय्यर ने मंगलवार 07 अगस्त को गुवाहाटी में आयोजित एक क्षेत्रीय कार्यशाला में समस्त पूर्वोत्तर राज्यों में स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण (एसबीएम-जी) के क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा की। असम, मणिपुर, नगालैंड और त्रिपुरा के वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधियों ने स्वच्छ भारत के लिए तय 2 अक्टूबर, 2019 के राष्ट्रीय लक्ष्य से पूरे एक साल पहले ही अक्टूबर, 2018 तक 'ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) पूर्वोत्तर' का लक्ष्य पाने के लिए अपने द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों पर विचार-विमर्श किया। इस क्षेत्र के तीन ओडीएफ राज्यों अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और मिजोरम ने अपनी-अपनी उपलब्धियों को बनाए रखने के लिए स्वयं द्वारा उठाए गए कदमों पर विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही इन तीनों ओडीएफ राज्यों ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट के प्रबंधन के जरिए 'ओडीएफ' से भी आगे निकल कर 'ओडीएफ+' बनने की दिशा में उठाए गए कदमों की भी चर्चाएं कीं।

इससे पहले सचिव परमेश्वरन अय्यर ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से भेंट की और स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण के क्षेत्र में असम में हुई प्रगति पर विचार-विमर्श किया। सचिव ने राज्य सरकार को एसबीएम-जी के क्षेत्र में भारत सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया, जिसमें समयबद्ध ढंग से संबंधित धनराशि उपलब्ध कराना भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने 2 अक्टूबर, 2018 तक 'ओडीएफ असम' के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस बैठक के बाद असम की मुख्य सचिव टी• वाई• दास और पेयजल एवं स्वच्छता सचिव ने वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के जरिए राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ एसबीएम-जी की विस्तृत समीक्षा की। मुख्य सचिव ने इस मिशन में लोगों विशेषकर महिलाओं की सहभागिता की अहमियत दोहराई। उन्होंने जिलाधिकारियों से एसबीएम-जी से संबंधित प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) के क्षेत्र में हुई प्रगति की समवर्ती सूचना प्रेषण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा अपने अभिभावकों को स्वच्छता एवं साफ-सफाई की अहमियत से अवगत कराने के लिए जिलाधिकारियों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने जिलाधिकारियों से आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण के लिए तैयार रहने को भी कहा, जिसके तहत नागरिकों से प्राप्त ऑफलाइन एवं ऑनलाइन जानकारियों (फीडबैक) सहित गुणात्मक एवं मात्रात्मक पैमानों के आधार पर स्वच्छता को लेकर भारत के सभी जिलों एवं राज्यों की रैंकिंग की जाएगी (sbm.gov.in/ssg2018)।

इस बीच, राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता कवरेज वर्ष 2014 के 39 प्रतिशत से बढ़कर वर्तमान में 89.5 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है। 4.12 लाख से अधिक गांवों, 421 जिलों, 14 राज्यों और 5 केन्द्र शासित प्रदेशों को पहले ही 'ओडीएफ' घोषित किया जा चुका है।

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