बंगाल में विश्व कप फुटबाल से हो गया है मोहभंग !



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 08 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

इस विश्व कप फुटबाल में जहां एक के बाद दूसरी दिग्गज टीम की विदाई का सिलसिला जारी है, वहीं बंगाल के लोगों का फुटबाल से मोहभंग हो गया है। राज्य के कोनो-कोने में लोग अर्जेंटीना-ब्राजील के दीवाने हैं और जब दोनों देशों में मुकाबला होता है तो भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मुकाबले जैसा समां बंध जाता रहा है। लेकिन इस साल दोनों टीमों की विश्व कप से विदाई हो चुकी है। इसके पहले जर्मनी, स्पेन जैसे देश भी बोरिया-बिस्तर बांध चुके हैं। इसलिए राज्य के लोगों का अब रात-रात भर जग कर मैच देखने का उत्साह नहीं रहा। कई लोगों का कहना है कि कोई भी हारे-जीते, अब इससे फर्क नहीं पड़ता है।

मालूम हो कि जर्मनी की विदाई के बाद लोगों की अर्जेटीना से खासी आशाएं थी। जब वह भी पराजित होकर बाहर चला गया, तब लोगों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि ब्राजील का मुकाबला करने वाले एक के बाद दूसरे बाहर होते जा रहे हैं। इसलिए इस साल ब्राजील को विश्व कप जीतने से रोकने वाला कोई नहीं दिखता। लेकिन शुक्रवार की रात बेलजियम ने ब्राजील को पराजित करके जहां फुटबाल जगत में अपनी धाक जमाई, वहीं बंगाल के लोगों में हताशा फैल गई।

बचपन से फुटबाल खेल रहे भवानीपुर के प्रवीर मित्र (50) का कहना है कि जर्मनी विश्व कप की 16 टीमों में शामिल नहीं हो सका और अब ब्राजील भी विश्व कप से बाहर हो गया है। अब विश्व कप फुटबाल देखने में बचा क्या है ?

स्टार अरिंदम चटर्जी का कहना है कि अर्जेंटीना के खेल को देखने के लिए रूस गया था, लेकिन उसके बाहर होने पर ब्राजील का समर्थन कर रहा था। अब कुछ भी नहीं बचा है देखने के लिए।

इसी तरह, मिमी चक्रवर्ती का कहना है कि पहले मैं अर्जेंटीना का समर्थन कर रही थी, उसके बाहर जाने पर ब्राजील के साथ थी। लेकिन ब्राजील के विश्व कप से निकल जाने के बाद फुटबाल के बाकी मैच देखने की इच्छा नहीं है। पर्नो मित्र और तनुश्री चक्रवर्ती का भी मानना है कि अब विश्व कप में कुछ नहीं बचा है।

महानगर में ब्राजील फैन क्लब के एक सदस्य का कहना है कि अब फुटबाल देखने के बजाए लंबे समय बाद क्रिकेट देखने की योजना है। अगले साल क्रिकेट विश्व कप है और इंगलैड हमारा कड़ा प्रतिद्वंदी है। इसलिए क्रिकेट पर ही जोर दिया जाएगा। हालांकि फुटबाल के कुछ ऐसे भी दीवाने हैं, जिनका मानना है कि ब्राजील को पराजित करने वाले बेलजियम को करारी शिकस्त मिलनी चाहिए। एक आईटी कंसलटेंट और ब्राजील के दीवाने का कहना है कि फ्रांस बेलजियम को धुल चटा देगा तब ब्राजील की शिकस्त का बदला पुरा होगा। कई लोगों का मानना है कि बेलजियम को किसी भी हालत में जीतना नहीं चाहिए।

हालांकि ऐसे फुटबाल प्रेमियों की भी कमी नहीं है, जिनका मानना है कि अब सिर्फ विश्व कप का फाइनल मैच ही देखेंगे। कई निराश लोगों ने कहा कि अब 15 जुलाई को फाइनल मैच देखने के लिए ही टीवी चलाएंगे।

ब्राजील की हार से फुटबाल प्रेमी ही नहीं बल्कि जर्सी बेचने वाले भी दुखी हैं। महानगर की मैदान मार्केट में जर्सियां बेचने वाले एक दुकानदार का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी हम लोगों ने अर्जेंटीना और ब्राजील की जर्सी का भारी संख्या में आर्डर दिया था, लेकिन दोनों दलों की पराजय के बाद भारी घाटा उठाना पड़ेगा।

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