बीआईसी की प्रतिष्ठित लाल इमली की सम्पति का मूल्यांकन आरम्भ



---एस• के• मणि, कानपुर, 02 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

मजदूरों के शहर की निशानी बंद होने की कगार पर खड़ी लाल इमली में अब संपत्तियों का आकलन शुरू हो गया है। बीआइसी के जीएम की ओर से सभी विभागों को एक प्रोफार्मा थमा दिया गया जिसमें चल अचल संपत्तियों का ब्योरा मांगा गया है। बताया जा रहा है कि कपड़ा मंत्रालय की उच्च स्तरीय समिति देनदारी व वीआरएस का आकलन करने के लिए जल्द ही कानपुर आने वाली है।

बीमार सरकारी उपक्रमों को बंद करने का केंद्र सरकार का सैद्धांतिक फैसला अब कार्यवाही की जद में आ रहा है। पिछले दिनों कपड़ा मंत्रालय ने बीआइसी को बंद करने की ओर कदम बढ़ाते हुए इंडियन अकाउंट्स एंड ऑडिट सर्विसेज के डॉ• सुभाष चंद्र पांडेय के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया था। यह समिति देनदारी व वीआरएस का आकलन करेगी। बीआइसी प्रबंधन अब तक खुलकर इस संबंध में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहा है लेकिन, अंदर खाने मिल बंदी की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

लाल इमली सूत्रों के मुताबिक जीएम मनोज वर्मा की ओर से मिल में स्थापित 19 विभागों के विभागाध्यक्षों को एक प्रोफार्मा दिया गया है। विभागाध्यक्षों को अपने विभागों में उपलब्ध कार्यालय प्रयोग की वस्तुएं ,मशीनें, मोटर व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विवरण देने को कहा गया है। यह भी बताना होगा कि कौन सी वस्तु वर्तमान में किस हालत में है।

• वीआरएस व बकाया एरियर पर मजदूर यूनियनें हुई सक्रिय

मिल बंदी की खबरों के बीच लाल इमली के मजदूरों को वीआरएस के साथ ही बकाया दिलाने के लिए मजदूर संगठन सक्रिय हो गए है।

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