खबरें जम्मू और कश्मीर की



जम्‍मू और कश्‍मीर, 12 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

(●) जम्‍मू और कश्‍मीर में ब्‍लॉक स्‍तर पर खेलों के लिए 14.30 करोड़ रुपये की स्‍वीकृति

भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा ‘खेलो इंडिया’ योजना के अंतर्गत जम्‍मू एवं कश्‍मीर राज्‍य में ब्‍लॉक स्‍तर पर खेलों के लिए 14.30 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता स्‍वीकृत की गई है। जम्‍मू और कश्‍मीर के सभी 22 जिलों के 143 ब्‍लॉकों में इस योजना के अंतर्गत प्रति ब्‍लॉक 10 लाख रूपये खर्च किए जाएंगे।

14.30 करोड़ रूपये के केंद्रीय अनुदान का इस्‍तेमाल कोच, उपकरण, उपभोग सामग्रियों, तकनीकी समर्थन और प्रतियोगिताओं के आयोजन में किया जाएगा। इसमें प्रतिभागियों के लिए भोजन और आवास सुविधाएं तथा यात्रा खर्च शामिल हैं। खेल प्रतियोगिताएं किसी विशेष जिले में लोकप्रिय खेलों के आधार पर आयोजित की जाएंगी।

उपायुक्‍त की अध्‍यक्षता में जिला स्‍तरीय समिति यह योजना लागू करेगी। पुलिस अधीक्षक तथा जम्‍मू और कश्‍मीर र्स्‍पोटस् काउंसिल के जिला प्रतिनिधि भी इस समिति के सदस्‍य हैं।

याद रहे कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा 7-8 जून, 2018 को अपनी जम्‍मू कश्‍मीर यात्रा के दौरान राज्‍य के सभी 22 जिलों में ब्‍लॉक स्‍तर पर इस खेल योजना की घोषणा की गई थी।


(●) डॉ• जितेन्‍द्र सिंह ने जेईई (मुख्‍य और एडवांस), 2017-18 की परीक्षा में सफल होने वाले ‘कश्‍मीर सुपर 30’ के छात्रों को सम्‍मानित किया

केन्‍द्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास (स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ• जितेन्‍द्र सिंह ने आयोजित एक कार्यक्रम में जेईई (मुख्य और एडवांस), 2017-18 की परीक्षा में सफल होने वाले ‘कश्‍मीर सुपर 30’ के छात्रों को सम्मानित किया।

ये छात्र भारतीय सेना के ‘कश्‍मीर सुपर 30’ पहल से जुड़े हुए हैं। पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड (पीएलएल) और सेन्‍टर फॉर सोशल रिस्‍पोंस्‍बिलिटी एंड लीडरशिप (सीएसआरएल) इस पहल के प्रशिक्षण सहयोगी हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य राज्‍य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रतिभाशाली छात्रों को सहायता उपलब्‍ध कराना है, ताकि वे शैक्षणिक सफलता हासिल कर सकें। इसके लिए छात्रों को इंजीनियरिंग परीक्षा के लिए कोचिंग की सुविधा उपलब्‍ध कराई जाती है। इस वर्ष इस योजना में 50 छात्रों का चयन किया गया था। इनमें से 32 छात्रों ने जेईई मुख्‍य परीक्षा 2017-18 में सफलता प्राप्‍त की। इन सफल छात्रों में से 7 छात्रों ने जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता हासिल की। अब ये छात्र प्रतिष्ठित आईआईटी संस्‍थानों में शिक्षा प्राप्‍त करेंगे।

डॉ• जितेन्‍द्र सिंह ने छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उनसे बातचीत के क्रम में छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। छात्रों ने भारतीय सेना, पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड (पीएलएल) और सेन्‍टर फॉर सोशल रिस्‍पोंस्‍बिलिटी एंड लीडरशिप (सीएसआरएल) को उनके सहयोग के लिए धन्‍यवाद दिया।

छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ• जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि इन छात्रों ने एक उदाहरण प्रस्‍तुत किया है, जिसका अनुसरण दूसरे छात्र कर सकते हैं। उन्‍होंने भारतीय सेना, पीएलएल और सीएसआरएल के प्रयासों की सराहना की। उन्‍होंने कहा कि राज्‍य की सर्वश्रेष्‍ठ प्रतिभाओं में से कुछ हमारे साथ हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में युवाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जैसे स्‍टार्ट-अप इंडिया, स्‍टैंड-अप इंडिया आदि। देश के युवा इन योजनाओं से लाभ प्राप्‍त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को पहले संसाधनों व अध्‍ययन सामग्री की कमी का सामना करना पड़ता था, परंतु बदलते समय के साथ तथा आधुनिक तकनीक की उपलब्‍धता से जानकारियां आसानी से उपलब्‍ध हो जाती हैं। अध्‍ययन सामग्री की भी कोई कमी नहीं हैं। इससे सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को अपने जीवन का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने में सहायता मिली है।

उन्होंने आयोजकों से इस पहल का विस्‍तार दूसरे क्षेत्रों में करने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि यह समाज के वंचित तबकों के लिए एक बड़ी मदद होगी। उन्‍होंने आयोजकों को सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों के लिए टेली-शिक्षा जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की सलाह दी।

इस अवसर पर ब्रिगेडियर ए• श्रीधर, 19 आर्टिलरी ब्रिगेड, राजेश सिंह, निदेशक (तकनीक) पीएलएल तथा अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे।


(●) कश्‍मीर सुपर 50

कश्‍मीर सुपर 50 कार्यक्रम भारतीय सेना, सेन्‍टर फॉर सोशल रिस्‍पोंस्‍बिलिटी एंड लीडरशिप (सीएसआरएल) और पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड (पीएलएल) की संयुक्‍त पहल है। कश्‍मीर क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्‍चों की शैक्षणिक स्थिति में बदलाव करने के उद्देश्‍य से इस कार्यक्रम को 22 मार्च, 2013 को शुरू किया गया था। इसके तहत जेईई, जेकेसीईटी व अन्‍य इंजीनियरिंग परीक्षाओं के लिए छात्रों को आवास सुविधा के साथ कोचिंग की सुविधा दी जाती है। इस कार्यक्रम की अवधि 11 महीने है।

वर्तमान बैच कश्‍मीर सुपर 50 का पांचवा बैच है। 45 लड़कों को श्रीनगर में और 5 लड़कियों को नोएडा में कोचिंग दी गई। इनमें से 32 छात्रों (30 लड़के व 2 लड़कियां) ने जेईई मुख्‍य परीक्षा में सफलता प्राप्‍त की। 7 छात्र जेईई एडवांस परीक्षा में सफल हुए।

कश्‍मीर सुपर 50 भारतीय सेना के सबसे सफल कार्यक्रमों में से एक है। इसने जम्‍मू-कश्‍मीर के युवाओं के जीवन को प्रभावित किया है। युवाओं को सही मार्ग दर्शन उपलब्‍ध कराया गया है और उन्‍हें अपना भविष्‍य बनाने का अवसर प्राप्‍त हुआ है। इस कार्यक्रम ने इन युवाओं के परिवारों को समृद्ध बनाया है। घाटी में सामान्‍य हालात बनाने की दिशा में यह एक महत्‍वपूर्ण कदम है।

कश्‍मीर सुपर 50 के 30 छात्रों ने नई दिल्‍ली में 12 जून, 2018 को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से भेंट की। सेना प्रमुख ने छात्रों से राज्‍य के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्‍होंने छात्रों को कड़ी मेहनत करने तथा राष्‍ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

कश्‍मीर सुपर 50 के अनुरूप भारतीय सेना ने हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और (एनआईईडीओ) के साथ समझौता किया है।


(●) केवीआईसी ने कश्‍मीर में 2330 मधुमक्‍खी-बक्‍सों का वितरण किया

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने एक दिन में सर्वाधिक मधुमक्‍खी बक्‍सों का वितरण करके विश्‍व रिकॉर्ड बनाया है। केवीआईसी ने कश्‍मीर के कुपवाड़ा स्थित जंगली सेना क्षेत्र में यह वितरण किया। इससे पहले विश्‍व मधुमक्‍खी दिवस के अवसर पर केवीआईसी ने काजीरंगा वन क्षेत्र में मिशींग जनजाति समुदाय के बीच 1000 मधुमक्‍खी बक्‍सों का वितरण करके रिकॉर्ड बनाया था। जंगल वन क्षेत्र में 233 लाभार्थियों के बीच 2330 मधुमक्‍खी बक्‍सों का वितरण किया गया है।

इस अवसर पर जम्‍मू कश्‍मीर के उप-मुख्‍यमंत्री कविन्‍दर गुप्‍ता ने कहा कि केवीआईसी के कार्यक्रमों से घाटी में रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

केवीआईसी के चेयरमेन विनोद कुमार सक्‍सेना ने कहा कि शहद मिशन का लक्ष्‍य प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के ‘मीठी क्रांति’ के सपने को पूरा करना है। केवीआईसी ने ‘शहद मिशन’ के तहत नवम्‍बर, 2018 से पहले पूरे देश में 1.3 लाख मधुमक्‍खी बक्‍सों के वितरण का लक्ष्‍य निर्धारित किया है। अब तक 27000 मधुमक्‍खी बक्‍से वितरित किए जा चुके हैं। चेयरमेन ने आगे कहा कि केवीआईसी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के लिए नोडल एजेंसी है। इसके अंतर्गत शहद के प्रसंस्‍करण, पैकेजिंग और लेबल लगाने से जुड़ी इकाइयों को ऋण उपलब्‍ध कराया जाता है।

भारतीय सेना के सद्भावना कार्यक्रम के तहत कुपवाड़ा में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्‍य घाटी में शांति और सद्भावना की स्‍थापना करना है। मेजर जनरल सी• बी• पोनप्‍पा, जीओसी वज्र डिविजन कुपवाड़ा, ने कहा कि ऐसे विकास कार्यक्रम जम्‍मू–कश्‍मीर में शांति व सद्भावना की स्‍थापना करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारतीय सेना ने लोगों को प्रशिक्षित करने में सहायता प्रदान की है और मधुमक्‍खी छत्‍तों के निर्माण के लिए 10 प्रतिशत वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराई है। इस प्रकार लाभार्थियों को अपनी आजीविका के लिए एक मंच प्राप्‍त हुआ है।

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