पंचायत चुनाव के बाद भी बंगाल के विभिन्न हिस्सों में हिंसा जारी



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 15 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

राज्य में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव दौरान हुई हिंसा में सरकारी तौर पर मंगलवार को भी मृतकों की संख्या छह ही बताई जा रही है, जबकि गैर सरकारी आंकड़ों में मरने वालों की संख्या 21 बताई जा रही है। मरने वालों में 11 तृणमूल समर्थक बताए जाते हैं। आज हावड़ा जिले के विभिन्न इलाकों में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़पों के दौरान कम से कम 20 घरों पर बम फेंके गए। जबकि कई वाहनों में तोड़-फोड़ करने के बाद आग लगा दी गई।

मालूम हो कि सोमवार को उत्तर व दक्षिण 24-परगना, उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, पश्चिम मेदिनीपुर, नदिया और कूचबिहार जिलों में बड़े पैमाने पर हुई, हिंसा के दौरान कम से कम गैर सरकारी आंकड़ों में मरने वालों की संख्या 15 से लेकर 17 बताई जाती रही है। लेकिन राज्य सरकार का दावा है कि सिर्फ छह लोगों की मौत हुई है।

तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी ने दावा किया कि सभी मरने वाले पार्टी के कार्यकर्ता थे।

राज्य चुनाव आयोग के सचिव नीलांजन शांडिल्य ने कहा कि राज्य प्रशासन से मिली रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को 12 लोगों की मौत हो गई। लेकिन इनमें से महज छह लोग ही चुनावी हिंसा में मारे गए। बाकी मौतें दूसरी वजहों से हुईं।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व व्यवस्था) अनुज शर्मा ने भी कल शाम चुनावी हिंसा में मरने वालों की संख्या छह बताई थी।

तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी ने आरोप लगाया है कि भाजपा की ओर से सीमावर्ती इलाकों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की सहायता से उपद्रव फैलाने का प्रयास किया। इसके साथ ही उन्होंने यह सवाल भी किया है कि राज्य सरकार की मंजूरी के बगैर चुनाव प्रक्रिया में बीएसएफ क्या कर रही थी ?

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