भारतीय भाषाओं का विकास सरकार की प्राथमिकता – मानव संसाधन विकास मंत्री



नई दिल्ली, 14 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्ली में आयोजित हिंदी सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओँ का विकास करना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता में है। आज के दौर में अंग्रेजी का प्रचलन बढ़ रहा है, इसका सीधा सम्बन्ध तरक्की से जोड़ा जाने लगा है, ये सोच भारतीय भाषाओँ के विकास में सबसे बड़ी बाधक है। उन्होंने सलाहकार समिति के समक्ष इस मुद्दे को भी उठाया कि हमारे यहाँ विद्यालय स्तर पर तो हिंदी भाषा में किताबें आसानी से उपलब्ध हैं लेकिन उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों का अभाव है। हमें उच्च शिक्षा में भी पर्याप्त हिंदी पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करानी चाहिए ताकि हिंदी भाषी छात्र भी अपनी भाषा में उच्च शिक्षा ग्रहण कर सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि हमारे प्रयासों से उच्च शिक्षा प्रवेश परीक्षाओं में हिंदी भाषी छात्रों का प्रतिशत जरूर बढ़ेगा।

उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि तकनीक के इस दौर में हिंदी भाषा की सबसे बड़ी कमी ये है कि अब हिंदी में नए शब्दों का सृजन नहीं हो रहा है। उन्होंने देश भर से एकत्रित हुए हिंदी के विद्वानों को आव्हान किया कि उन्हें रोज अधिक से अधिक हिंदी शब्दों का सृजन करके उन्हें लोकप्रिय बनाना चाहिए, खासकर के तकनीक से जुड़े हुए शब्द जिससे हिंदी और अधिक लोकप्रिय हो सके।

उन्होंने आगे कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा “एक भारत श्रेष्ठ भारत” नामक कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसके माध्यम से विभिन्न राज्यों के मध्य भाषाई एवं सांस्कृतिक सम्बन्ध मजबूत हो रहे हैं एवं भारतीय भाषाओँ का विकास हो रहा है ।

बैठक में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ• सत्यपाल सिंह भी उपस्थित रहे। डॉ• सत्यपाल सिंह ने कहा कि भारत में ये अवधारणा बन चुकी है कि जिसे अंग्रेजी नहीं आती उसे विद्वान नहीं माना जाता। आज हमें इस हीन भावना को दूर करने कि आवश्यकता है। डॉ• सिंह ने आगे कहा कि हमें प्रादेशिक भाषाओं को लेकर ऐसा माहौल बनाना चाहिए जिससे लोग हिंदी अथवा प्रादेशिक भाषाओं को बोलने में गर्व महसूस करें ना कि हीन भाव से ग्रसित हों।

आज नई दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा हिंदी सलाहकार समिति का आयोजन किया गया जिसमें हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य जरीना बानो, हरवीर सिंह शास्त्री, डॉ• पवन सिंघल, डॉ• योगेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ• रविन्द्र नागर, प्रो• चंद्रदेव कवड़े एवं डॉ• महेश चन्द्र गुप्त ने हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में भाग लिया। बैठक में विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े हुए हिंदी के विद्वानों एवं मंत्रालय से सम्बंधित विभिन्न स्वायत्त संस्थानों ने भी शिरकत की। इसके अलावा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीगण भी बैठक में मौजूद रहे।

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